देवीधुरा (चंपावत)। प्रसिद्ध मां वज्र वाराही धाम में सांगी पूजन के साथ बगवाल मेले की धार्मिक प्रक्रियाएं शुरू हो गई हैं। चार खाम और सात थोक के प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर विश्व कल्याण की कामना की।

आचार्य भुवन शास्त्री और आचार्य कीर्ति शास्त्री ने विधि-विधान से सांगी पूजन संपन्न कराया। आचार्य गिरजाशंकर जोशी, ललित मोहन शास्त्री और हेम चन्द्र जोशी सहित अन्य लोगों ने धार्मिक अनुष्ठान में सहयोग किया।

इस दौरान लमगड़िया, गहड़वाल, चम्याल और वालिग खाम सहित सात थोकों के प्रतिनिधियों ने पूजा में भाग लिया। संस्कृत महाविद्यालय के भगवा वेशधारी छात्रों ने वेद ऋचाओं का सामूहिक गायन किया, जिससे पूरा वाराही धाम वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा।

सांगी पूजन की परंपरा को मां वज्र वाराही के डोले से जुड़े प्राचीन इतिहास से जोड़ा जाता है। धार्मिक अनुष्ठान के समापन पर श्रद्धालुओं और प्रतिनिधियों ने मां वाराही से विश्व कल्याण और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।

फोटो: वाराही धाम में सांगी पूजन करते आचार्य एवं चार खाम-सात थोकों के प्रतिनिधि।