टनकपुर में म्यूल बैंक खाते से साइबर ठगी का खुलासा, दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
एक्सिस बैंक की टनकपुर शाखा के खाते से देशभर के लोगों से ठगी गई रकम के लेनदेन का आरोप, चार साइबर शिकायतों की जांच में सामने आया मामला
टनकपुर/चम्पावत। उत्तराखंड के चम्पावत जिले में साइबर ठगी से जुड़े एक मामले में पुलिस और साइबर सेल ने संदिग्ध म्यूल बैंक खाते (Mule Account) का पता लगाया है। इस खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर देश के विभिन्न राज्यों में लोगों से ऑनलाइन ठगी के जरिए प्राप्त रकम को जमा करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। मामले में पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
चार साइबर शिकायतों की जांच में सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और साइबर सेल को प्राप्त चार अलग-अलग शिकायतों की जांच के दौरान एक्सिस बैंक की टनकपुर शाखा में संचालित एक संदिग्ध खाते का पता चला। जांच में सामने आए शिकायत संदर्भ नंबर हैं: 32604260000361, 21904260047999, 31104260076739 और 31606260103994।
पुलिस जांच के अनुसार, संदिग्ध बैंक खाते के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त रकम का लेनदेन किया जा रहा था। इसके बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई।
वर्क फ्रॉम होम और निवेश के नाम पर ठगी का आरोप
जांच में सामने आया कि अज्ञात साइबर ठग मोबाइल कॉल, सोशल मीडिया और ऑनलाइन ऐप्स के माध्यम से लोगों को निशाना बनाते थे। आरोप है कि पीड़ितों को वर्क फ्रॉम होम, नौकरी, ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच देकर रकम ट्रांसफर करने के लिए प्रेरित किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, इस तरह ठगी गई रकम को एक्सिस बैंक की टनकपुर शाखा में संचालित संदिग्ध खाते में जमा कराया जाता था। इस प्रकार के खातों को आम तौर पर म्यूल अकाउंट कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध से प्राप्त धन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।
‘जय दुर्गा प्रॉपर्टी डीलर’ के नाम पर था संयुक्त खाता
पुलिस को बैंक प्रबंधन से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 94 के तहत प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, संबंधित संयुक्त बैंक खाता ‘जय दुर्गा प्रॉपर्टी डीलर’ के नाम से संचालित था। इसका पता भजनपुर, बनबसा, चम्पावत बताया गया है।
मामले में रंजीत सिंह (32), निवासी घुसरी दोहरा, सितारगंज, जिला ऊधम सिंह नगर, और रिम्पल कौर (34), निवासी बिढौरा, सितारगंज, जिला ऊधम सिंह नगर, को नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार, खाते को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और मिलीभगत के आधार पर खुलवाने का आरोप है।
हालांकि, आरोपियों के दोषी होने का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच
मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक संदीप पिलखवाल के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह आशंका सामने आई है कि खाते का इस्तेमाल वास्तविक व्यापार के बजाय कथित तौर पर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम के लेनदेन के लिए किया जा रहा था।
पुलिस इस मामले में बैंक अधिकारियों की संभावित लापरवाही या संलिप्तता के पहलू की भी जांच कर रही है। हालांकि, इस संबंध में किसी अधिकारी की भूमिका की पुष्टि होना अभी बाकी है।
आरोपियों की तलाश और वित्तीय लेनदेन की जांच जारी
चम्पावत पुलिस मामले से जुड़े बैंक लेनदेन, संदिग्ध खातों और साइबर ठगी के नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश करने के साथ-साथ यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खाते के माध्यम से कितनी रकम का लेनदेन हुआ और ठगी के शिकार लोग किन-किन राज्यों से संबंधित हैं।
पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।



